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राजस्थान में जल संसाधन संरक्षण बहुउद्देशीय परियोजनाएं सिंचाई परियोजनाएं

                         सामान्य परिचय 

भारत का क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा राज्य राजस्थान है भारत के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल में राजस्थान का क्षेत्रफल 10 . 40 प्रतिशत  हैं भारत की कुल जनसंख्या की राजस्थान में 5.67% जनसंख्या निवास करती हैं भारत में औसत वार्षिक वर्षा 120 सेमी मीटर होती है लेकिन राजस्थान में मात्र 57 . 51 सेमी ही औसत वार्षिक वर्षा होती हैं राजस्थान में 58% कृषि वर्षा पर आधारित होती हैं तथा लगभग 42% भाग पर ही सिंचाई सुविधा उपलब्ध है

राजस्थान में उपलब्ध कुल सतही जल की मात्रा लगभग 158.60लाख  एकड़ फीट हैं भारत के कुल सतही जल का राजस्थान में लगभग 1.1 प्रतिशत जल ही उपलब्ध है भारत के कुल कृषि क्षेत्र का राजस्थान में लगभग 11% क्षेत्र आता है भारत के कुल सिंचित क्षेत्रफल का लगभग 9.2% क्षेत्र राजस्थान के अंतर्गत आता है

ग्राम जल सुरक्षा योजना तैयार करने वाला भारत का पहला राज्य राजस्थान है राजस्थान में सतही जल से सर्वाधिक सिंचाई क्षमता पांचवी पंचवर्षीय योजना के दौरान अर्जित की गई राजस्थान में सर्वाधिक सिंचाई में सिंचाई परियोजनाओं का क्रियान्वयन झालावाड़ जिले में हुआ है राजस्थान में बोरा जिले में सर्वाधिक संख्या में लघु सिंचाई परियोजनाओं का कार्य पूर्ण किया गया है राणा प्रताप सागर बांध की जल भंडारण क्षमता राजस्थान में सबसे अधिक हैं 

राजस्थान में वर्ष 2014 तक 38.20 लाख  हेक्टेयर क्षेत्रफल पर सिंचाई सुविधा उपलब्ध है 

राजस्थान में बाह्य साधनों से लगभग 15 मिलीयन एकड़ फुट पानी प्राप्त होता है ।

सिंचाई गहनता –राजस्थान में प्रथम योजना काल में सिंचाई जयंता 119.2 थी। 

2008 –09 ई में राजस्थान में सिंचाई  गहनता 126.65 हो गई है

राजस्थान में सिंचाई के साधन—

1. कुआं तथा नलकूप से–राजस्थान में सर्वाधिक सिंचाई कुआं तथा नलकूपों से होती है राजस्थान में कुआं द्वारा सर्वाधिक सिंचाई जयपुर जिले मे होती हैं 85% 

राजस्थान में कुआं  द्वारा न्यूनतम सिंचाई श्रीगंगानगर जिले में होती है जहां मात्र 3 से 8% क्षेत्र पर सिंचाई की जाती है कुआं द्वारा 

2. नहरों से –राजस्थान में सिंचाई संसाधनों में दूसरा स्थान नेहरू का है राजस्थान में नेहरो द्वारा सर्वाधिक सिंचाई श्रीगंगानगर जिले में होती है जहां 99% सिंचाई नहरों से होती है 

राजस्थान में नहरों द्वारा सिंचित क्षेत्र का प्रतिशत निम्न प्रकार है 

  (1)  इंदिरा गांधी नहर            26.55% 

  (2)  भाखड़ा नागल नहर         20.20% 

  (3)   गंगनहर                        18.32% 

  (4)   चंबल                           16.00% 

  (5)   अन्य नहरों द्वारा              18.86% 

3. तालाबों से –राजस्थान में सिंचाई संसाधनों में तीसरा स्थान तालाबों का है राजस्थान के दक्षिणी वह  दक्षिणी पूर्वी भागों में तालाबों से सर्वाधिक सिंचाई होती हैं राजस्थान में तालाबो द्वारा सर्वाधिक सिंचाई भीलवाड़ा में होती है जहां 15% सिंचाई तालाब से होती है 

राजस्थान में सिंचाई के बाहरी स्रोत— 

राजस्थान को वर्तमान में सभी पड़ोसी राज्यों से 145 लाख एकड़ फीट 14 पॉइंट 5 मिली एकड़ फुट  जल आवतित हैं राजस्थान को प्राप्त सतही जल का विवरण निम्न प्रकार हैं 

रवि व्यास नदी जल समझौता– यह समझौता 1982 में राजस्थान पंजाब हरियाणा के मध्य हुआ 

इस समझौते के तहत राजस्थान को 8.7 मिलीयन एकड़ फुट पानी आवत्तित हुआ। 

माही नदी जल समझौता– यह समझौता 1966 में राजस्थान में गुजरात के मध्य हुआ था इस समझौते के तहत राजस्थान को 0.37 मिलियन एकड़ फुट पानी मिला 

चंबल नदी जल समझौता–यह समझौता राजस्थान में मध्यप्रदेश के मध्य हुआ था इस समझौते के तहत राजस्थान को 1.6 मिलीयन एकड़ फुट पानी मिला जिसमें चंबल परियोजना के अंतर्गत राणा प्रताप सागर बांध जवाहर सागर बांध कोटा बैराज में राजस्थान द्वारा उपयोग किया जा रहा है 

सतलज नदी जल समझौता–यह समझौता 13 जनवरी 1965 में राजस्थान पंजाब हरियाणा के मध्य हुआ था इस समझौते के तहत राजस्थान को 1 दशमलव 40 मिलीयन एकड़ फुट पानी मिला था 

नर्मदा नदी जल समझौता–yah 







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